शोषित पराजित...पीड़िता से विजेता
| By: | Vandana Dass Manisha Singhal |
| Publisher: | Independent Publishers Group (Chicago Review Press) |
| Print ISBN: | 9781547521760 |
| eText ISBN: | 9781547521760 |
| Edition: | 0 |
| Format: | Reflowable |
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वो कैसे छोड़ सकती थी? उसके ऊपर डर की एक अजीब सी पकड़ थी! और फिर भी, वो कैसे जारी रखती? वो फंसा हुआ महसूस करती! वो निरंतर इस डर में रहती कि कहीं वो अपने जीवनसाथी को नाराज़ ना कर दे| एक प्रेम से वंचित छोटी मासूम लड़की एक सुन्दर युवक से मिलती है| इस उम्मीद में कि वो उसके जीवन के खालीपन को भर देगा, वो उसके लिए कुछ भी करने को तैयार थी| अपनी नासमझी में वो सोचती रही कि इस सबसे वो उसका प्रेम पा सकेगी| उसके प्रति उस युवक की भावनाएं बल और वासना की थीं, प्रेम की नहीं! ये आदमी आत्ममोही था और उसके प्रति निष्ठा रखकर वो अंततः दुखी ही हुई – पूर्ण विश्वासघात – प्रयोग और प्रताड़ित| •सोलह की उम्र में पिछवाड़े के आँगन में गर्भपात •एक ऐसे आदमी से शादी जो सिर्फ अपनी परवाह करता है •सांस्कृतिक भिन्नता – डर और शर्म का इस्तेमाल उसका फायदा उठाने के लिए •शारीरिक शोषण – पहले सात सालों में स�